मैं अपना यह परम सौभाग्य मानती हूँ कि संस्थापक पूर्व काशी नरेश महाराज डॉ० विभूति नारायण सिंह जी द्वारा स्थापित महाविद्यालय की प्राचार्य हूँ, महाराज श्री काशीवासियों के ह्रदय सम्राट एवं भारतीय सभ्यता संस्कृति के संरक्षक वेद वेदांत के विराम थे।महारानी बनारस महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना के पीछे सोच रही है की रामनगर व् आस – पास के ग्रामीण क्षेत्रों की बहु-बेटिया भी उच्चशिक्षा ग्रहण कर समाज में अपना योगदान तत्परता से कर सकें। दूर दर्शी महाराज श्री ने सामाजिक विसमताओं को दूर करने के लिए महिला और शिशु शिक्षा के प्रचार प्रसार को माध्यम बनाया, जब वे कहा करते थे कि एक पुरुष शिक्षा ग्रहण करता है तो ज्यादा से ज्यादा उसकी शिक्षा घर तक ही सिमित रहती है किन्तु एक महिला शिक्षा ग्रहण करती है तो दो परिवारों और समाज के लिए वरदान सिद्ध होती है। Continue Reading….
Courses
स्नातक कलावर्ग (बी. ए.)
हिन्दी, संस्कृत, इतिहास,
राजनीतिशास्त्र,
गृहविज्ञान, समाजशास्त्र,
मनोविज्ञान
स्नातकोत्तर (एम. ए.)
गृहविज्ञान
समाजशास्त्र
What saying our Students
मैं (मनीषा यादव ) इस महाविद्यालय में एम.ए समाजशास्त्र द्वितीय समेस्टर की छात्रा हूँ यहाँ पढ़ाई बहुत अच्छी होती है, इस महाविद्यलय में सभी को एक सम्मान प्रदान किया जाता है, यहाँ सभी प्रकार की सुविधा पाई जाती है।
इस महाविद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, इस महाविद्यालय का अनुशासन के साथ व्यवस्था युक्त है।
मनीषा यादव



