Dr. Saroj Upadhyay (Principal)

मैं अपना यह परम सौभाग्य मानती हूँ कि संस्थापक पूर्व काशी नरेश महाराज डॉ० विभूति नारायण सिंह जी द्वारा स्थापित महाविद्यालय की प्राचार्य हूँ, महाराज श्री काशीवासियों के ह्रदय सम्राट एवं भारतीय सभ्यता संस्कृति के संरक्षक वेद वेदांत के विराम थे। महारानी बनारस महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना के पीछे सोच रही है की रामनगर व् आस - पास के ग्रामीण क्षेत्रों की बहु-बेटिया भी उच्चशिक्षा ग्रहण कर समाज में अपना योगदान तत्परता से कर सकें। दूर दर्शी महाराज श्री ने सामाजिक विसमताओं को दूर करने के लिए महिला और शिशु शिक्षा के प्रचार प्रसार को माध्यम बनाया, जब वे कहा करते थे कि एक पुरुष शिक्षा ग्रहण करता है तो ज्यादा से ज्यादा उसकी शिक्षा घर तक ही सिमित रहती है किन्तु एक महिला शिक्षा ग्रहण करती है तो दो परिवारों और समाज के लिए वरदान सिद्ध होती है। वर्तमान काशी नरेश महाराज डॉ० अनंत नारायण सिंह एवं महारानी साहिबा डॉ० (श्रीमति) अनामिका कुँअर जी पूर्व महाराज श्री की सोच और समाज सेवा के भाव से उनके सपनो को साकार करने के लिए कृत संकल्पित हैं। सभी से विनम्र निवेदन है की महाविद्यालय कि स्थापना के पवित्र भाव एवं महिला शिक्षा के प्रति संकल्प को पूरा करने में हम सभी का सहयोग करें।

धन्यवाद

डॉ० सरोज उपाध्याय

प्राचार्य

महारानी बनारस महिला महाविद्यालय

रामनगर – वाराणसी

काशिराज की राजधानी

बसी है गंगा के सुरम्य तट  पर काशिराज की राजधानी, राजधानी

अचल सफल मन धवल विभूषित कीर्ति विभूतिनारायण की

संचालित महारानी बनारस गरिमा महाविद्यालय की

आशा लिए प्रफुल्लित  मंडप अक्षत चन्दन अभिनन्दन

पुष्प-पंखुड़ी स्वागत में रत कुमकुम रोली शुभ वंदन

बसी है गंगा के सुरम्य तट पर काशिराज की राजधानी ,राजधानी

रही प्रेरणा शुचि आत्मा की शिक्षा के हर वर्ग खुले

वेद-पुराण अगाध मनीषी संस्कृति निशिदिन फले-फुले

स्वागत आगत मन विह्ल है प्रकट कर रहा  है आभार

परिसर का कण -कण रोमांचित मनोकामना हो साकार

बसी है गंगा के सुरम्य तट पर काशिराज की राजधधानी, राजधानी

सोच उन्हीं की उन्हीं  का चिंतन  उन्हीं की महिमा सजा है नंदन

संस्कृत – वेद ऋचायें  गूंजती नित्य पुराणों का शुभ मंचन

मंच सुशोभित उदभट चिंतक वक्ता -वाणी का नित्य वंदन

काशिराज की अविरल छाया शिव-गंगा का है भव्य संगम

मूल तत्व इतिहास – संस्कृति यही पुराणों  पहचान

सफल हुआ शुभ यह आयोजन पुण्य धरा का है वरदान

बसी है गंगा के सुरम्य तट पर काशिराज की राजधानी ,राजधानी

श्री अच्युत मिश्रा

केन्द्रीय कार्यालय सहायक, दुर्ग,

रामनगर – वाराणसी 

डॉ० सावित्री सिंह

प्रवक्ता - मनोविज्ञान

मैं डॉ० सावित्री सिंह महारानी बनारस महिला महाविद्यालय में मनोविज्ञान विषय में अध्यापन कार्य कर रही हूँ। मेरे शैक्षणिक कार्य का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम के ज्ञान के साथ-साथ छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना होता है।  इसके लिए हमारे महाविद्यालय की तरफ से मनोविज्ञान विभाग में छात्राओं के सर्वागीण विकास एवं शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए परामर्शन एवं निर्देशन का कार्य भी किया जाता है।